सरहद पर, जो हैं पहरा देते दुश्मन की जो जान हैं लेते गिरि पर विजय ध्वजा फहरा वे ही सरहद पर, जो हैं पहरा देते दुश्मन की जो जान हैं लेते गिरि पर विजय ध्वजा फ...
यहाँ अपने-अपने स्तर पर, हर क्षण घोटाले होते हैं। यहाँ अपने-अपने स्तर पर, हर क्षण घोटाले होते हैं।
तू जलती रही दिये कि तरह... हमे प्रकाशमान करने के लिये ! मगर हमने सिर्फ तुम्हारा इस्तेमाल किया... तू जलती रही दिये कि तरह... हमे प्रकाशमान करने के लिये ! मगर हमने सिर्फ तुम्हार...
अपने आँचल के कीमती रत्न तीन तीन एक साथ खोई थीं! अपने आँचल के कीमती रत्न तीन तीन एक साथ खोई थीं!
ऐ रणबांकुरे सपूत हमारे! ऐ वीर बहादुर सैनिक प्यारे! अब तुझको तेरा देश पुकारे! ऐ रणबांकुरे सपूत हमारे! ऐ वीर बहादुर सैनिक प्यारे! अब तुझको तेरा देश पुकार...
लिखूँ तो क्या लिखूँ सोचूँ तो क्या सोचूँ कलम भी आज खामोश है लिखूँ तो क्या लिखूँ सोचूँ तो क्या सोचूँ कलम भी आज खामोश है